रैम और रोम में क्या अंतर है ? 2022 (विस्तार से पूरी जानकारी)

रैम और रोम में क्या अंतर है ? 2022 (विस्तार से पूरी जानकारी)

रैम और रोम में क्या अंतर है ?

नमस्कार दोस्तों आपका हमारे ब्लॉग पर स्वागत है आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे की रैम और रोम में क्या अंतर होता है। और इसके साथ ही साथ हम आपको बताएंगे कि आप इन का किस तरह से प्रयोग कर सकते हैं क्या दोस्तों आपने कभी सोचा है। कि रैम और रोम क्या होती है अगर आप की हां है और आपने इसके बारे में कभी भी सोचा होगा। तो आपको इसमें बहुत कुछ जानने के लिए मिला होगा लेकिन आज इस पोस्ट की सहायता से आप रैम और रोम के अंतर के बारे में भी जान पाएंगे। आज की इस पोस्ट में आपको बहुत कुछ सीखने के लिए मिलने वाला है।

जैसा कि दोस्तों आप सब जानते हैं आज के समय में हम सब लोग कंप्यूटर और मोबाइल के द्वारा इंटरनेट से जुड़े रहते हैं। और दिन रात इसी के द्वारा अपने कार्य को पूर्ण करते रहते हैं लेकिन क्या आपको पता है। आपके मोबाइल तथा कंप्यूटर में ऐसी कई सारी चीजें होती हैं जिनकी वजह से हमारे सारे कार्य पूरे हो सकते हैं।

कंप्यूटर का प्रयोग हम अपनी सभी जरूरी चीजों को आसान बनाने के लिए इस्तेमाल में लाते हैं और आज के टाइम में कंप्यूटर का महत्व बहुत ज्यादा हो चुका है। आजकल लगभग सभी के पास कंप्यूटर होता है और वह इनका इस्तेमाल यानी कि कंप्यूटर का इस्तेमाल अलग-अलग प्रकार से अपने तरीकों के लिए तथा अपने कार्यों के लिए करते रहते हैं।

रैम और रोम में क्या अंतर है ?

जैसा के दोस्तों आप जानते हैं आज की इस पोस्ट में हम आपको रैम और रोम के बीच में अंतर बताने जा रहे हैं। लेकिन इससे पहले हम आज की इस पोस्ट में आपको यह बताएंगे कि रैम क्या होती है और रोम क्या होती है। दोनों के बारे में हम पहले जान लेते हैं उसके बाद आई इन में अंतर देखेंगे आइए जाने की रैम और रोम क्या होती है।

रैम क्या है ?

दोस्तों हम आपकी जानकारी के लिए बता दे रेम का फुल फॉर्म “Random Access Memory“, होता है और इसका दूसरा नाम “Direct Access Memory” है।

और किसी भी कंप्यूटर तथा मोबाइल में एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए आपको रैम का इस्तेमाल करना पड़ता है। रैम के अंदर डाटा और निर्देश कॉल समय स्टोर रहता है प्रत्येक Cell कुछ Rows एवं Columns से मिलकर बनता है। जिसका अपना यूनिकेयर एड्रेस होता है इसे Cell Path भी कहा जाता है। अगर आपके पास सीपीयू इन Cells से आप अलग-अलग प्रकार का डाटा प्राप्त कर सकते हैं।

रैम कितनी प्रकार की होती है ?

शायद दोस्तों अभी तक आपको इसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं होगी तो दोस्तों हम आपकी जानकारी के लिए बता दे। रैम दो प्रकार की होती है।

1) Static RAM– Static RAM SRAM

2) Dynamic RAM- DRAM

रोम क्या है ?

रोम का फुल फॉर्म (रीड ओनली मेमोरी) होता है मान के चले तो यह एक प्रकार की कंप्यूटर मेमोरी होती है जिसका प्रयोग डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। और यह एक प्रकार की यानी कि rom एक प्रकार की स्थाई मेमोरी होती है। मतलब कंप्यूटर को ऑफ कर देने पर भी इसमें डाटा स्टोर रहता है इसलिए इसे Non-Volatile memory कहा जाता है।

रोम कितने प्रकार की होती है ?

जैसा कि दोस्तों हमने आपके ऊपर जानकारी में बताया था कि रैम कितने प्रकार की होती है उसी प्रकार रोम के भी प्रकार होते हैं जो कि इस प्रकार हैं।

1) PROM- (PROGRAMMABLE READ ONLY MEMORY)

2) MRON- (MASKED READ ONLY MEMORY)

3) EPROM- (ERASABLE AND PROGRAMMABLE READ ONLY MEMORY)

4) EEPROM- (ELECTRICALLY ERASABLE AND PROGRAMMABLE READ ONLY MEMORY)

5) EAROM- (ELECTRIC ATERABLE READ ONLY MEMORY)

यहां से ऊपर की जानकारी में हमने आपको बेसिक जानकारी से रूबरू कराया है लेकिन अब हम अपने मेन पॉइंट की बात करेंगे और बताएंगे की रैम और रोम में क्या अंतर होता है। तो चलिए दोस्तों आगे बढ़ते हैं।

रैम और रोम में क्या अंतर होता है ?

1) रैम की बात करें तो यह मोबाइल और कंप्यूटर की स्पीड के लिए जरूरी होता है वहीं अगर रोम की बात करें तो रोम को किसी भी डिवाइस में स्टोर के तौर पर यूज किया जाता है।

2) रैम के डाटा की बात करें तो यह केवल कुछ समय के लिए यानी कि जब तक डिवाइस को रिफ्रेश या रिस्टार्ट नहीं किया जाता तब तक रहता है। अगर रॉम की बात करें जब तक आप नहीं चाहेंगे और उसे डिलीट ना करेंगे वह हमेशा मौजूद रहेगा।

3) रोम में आप डाटा को एमबी मैं स्टोर करके रख सकते हैं वहीं रैम में डाटा को जीबी में स्टोर करके रखा जाता है।

4) रेम उस डाटा को प्रयोग करने के लिए लिया जाता है जिसे अभी सीपीयू द्वारा चलाया जाना है और रोम केवल सीपीयू द्वारा पढ़ा जा सकता है सीपीयू इसमें कोई भी बदलाव नहीं कर सकता।

5) और रैम और रोम दोनों की बात करें तो यह मदर बोर्ड के ही दोनों हिस्से है लेकिन रैम के बिना मदरबोर्ड कार्य नहीं कर सकता और रोम का होना मदरबोर्ड के कार्य करने के लिए अनिवार्य नहीं है यानी कि रोम किसी भी डिवाइस के लिए उतना मायने नहीं रखती जितना की रैम रखती है।

6) रैम और रोम में सबसे बड़े अंतर की बात करे तो रॉम में डाटा बिना पावर के भी सेव हो सकता है जबकि रैम में ऐसा नहीं होता है।

7) रोम में चिप में इंफॉर्मेशन स्टोर करने के लिए किसी प्रकार की पावर सप्लाई की जरूरत नहीं होती है। जबकि रैम के लिए पावर सप्लाई हटने पर स्टोर इंफॉर्मेशन भी डिलीट हो सकती है।

8) रेम का प्रयोग कंप्यूटर में भी हो सकता है उदाहरण के तौर पर बता दें आपकी ब्राउज़र में खुले पेज का डाटा रैम में स्टोर हो रहा है।

9) रोम और रैम में सबसे बड़ा अंतर और हम आपको बता दें रोम में डाटा बिना पावर के भी सेव हो सकता है लेकिन रैम मैं ऐसा नहीं होता।

10) रैम रोम के मुकाबले ज्यादा तेज होती है रोम काफी ज्यादा सुस्त होती है इसका कारण यह भी है कि रैम किसी भी डाटा की केवल एक इमेज ही सेव करती है। वही रोम की बात करें तो रॉम डाटा को पूरी तरह से कॉपी कर लेती है।

11) अगर आप रॉम में डाटा सेव करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा लेकिन रैम में इसका उल्टा होता है। रैम में डाटा को सेव करने के लिए आपको किसी भी लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता इसमें आप बड़ी तेजी से डाटा को सेव कर सकते हैं।

12) रोम में डाटा स्टोर करने की प्रोसेस काफी लंबी है लेकिन रैम में ऐसा नहीं है रैम में यह प्रोसेस काफी तेजी से की जाती है।

निष्कर्ष

दोस्तों आशा करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी आज कि इस पोस्ट में हमने आपको रोम और रैम के बीच में बहुत सारे अंतर बताएं हैं। हमने यहां पर जो भी जानकारी बताइ है वह विस्तार से बताने का प्रयास किया है उम्मीद करते हैं आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी।

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